इस बार जसवंत नगर में कोल्ड स्टोरेज  नहीं भर पाए फुल 

*अनुमानित 15 से 20% खाली रहे 

________
         जसवंतनगर (इटावा) आलू उत्पादन के मामले में अग्रणी जसवंतनगर और सैफई इलाके में इस बार आलू की पैदावार अपेक्षा के विपरीत कम रही और भंडारण के मामले में जसवंतनगर के कोल्ड स्टोरेज 15 से 20% तक खाली रह गए।
   जबकि इस बार आलू के उत्पादन की अनुमानित उम्मीद बहुत ज्यादा की गई थी। कयास लगाए जा रहे थे कि सारे कोल्ड स्टोरेज न केवल भर जाएंगे, बल्कि भारी मात्रा में आलू खेतों पर ही पड़ा रह जाएगा।
     मगर इसके ठीक विपरीत हुआ है और   किसानों को उत्पादन के मामले में झटका लगा है। साथ ही कोल्ड स्टोरेज मालिक भी उनके कोल्ड स्टोरेज पूरी तरह न भरे जाने से दुखी  है।
       कोल्ड स्टोरेज मालिकों के लिए उनके कोल्ड स्टोरेज भरा जाना ही उनकी इनकम और खर्चों का बड़ा साधन है।  करोड़ों रुपए लगाकर कोल्ड स्टोरेज बनाते हैं और उम्मीद करते हैं कि हर वर्ष क्षमता के अनुसार उनके कोल्ड स्टोरेज भर जाए। नये कोल्ड स्टोरेज बनाने वालों के सामने तो सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि उन्हें न केवल इनकम की चिंता होती है ,बल्कि वह निर्माण व भंडारण के लिए बैंकों से सीसी/लॉन लेते हैं, वह नियमबद्ध चुकाने में में उन्हें दिक्कत आती है।
     मौसम ने बिगाड़ा आलू उत्पादन
__________
    जसवंतनगर और सैफई इलाके में इस बार आलू का रकवा पिछले वर्ष की तुलना में 10% तक बढ़ा था। पिछले वर्ष किसानों को सरसों उत्पादन में ज्यादा मुनाफा नहीं मिल पाया था, इसलिए  किसान सरसों उत्पादन की ओर पुनः मुड़े थे। उन्होंने फिर खरीफ़ की फसल के बाद आलू उत्पादित करना ही मुनासिब समझा था।
    हालांकि इस बार आलू की फसल को झुलसा जैसे रोगों ने प्रभावित भी नहीं किया। फसल के दौरान बरसात भी नहीं हुई, जो फसल को प्रभावित करती।
       परंतु इस बार सर्दी कम पड़ने, कोहरा न छाने से  टेंपरेचर आलू के उत्पादन के लिए जैसा होना चाहिए था, वह जनवरी और फरवरी में नहीं रहा। इस वजह से आलू की बढ़त जमीन के अंदर कम हुई। आलू का साइज पिछले वर्ष की तुलना में छोटा निकला। किसानों को प्रति वीघा जो उत्पादन मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला। दूसरी तरफ इस वर्ष बरसात देर तक चलने से आलू की अगैती फसल भी कम हुई । इसलिए शुरू में किसानों ने अपनी के कच्ची  फसल को जनवरी के महीने में बाजारो में बेंच कर पैसा सीधा किया। इस वजह से कोल्ड स्टोर मलिक और व्यापारी गणों ने आलू के भाव के ऊंचे होने की उम्मीद में किसानों को पहले से ही आलू भंडारन करने के लिए प्रेरित किया इससे आलू के भाव निरंतर ऊंचे होते गए। इसी वजह से भंडारण से पूर्व भी आलू का लदान बाहरी मंडियों के लिए जसवंत नगर से होने लगा।
 जसवंत नगर और सैफई में 30 से ज्यादा कोल्ड स्टोरेज
__________
    जसवंत नगर और सैफई इलाके में कोल्ड स्टोरस का संजाल है।  30 से ज्यादा कोल्ड स्टोरेज संचालित है। इस वर्ष 4 नए कोल्ड स्टोर बने है। इससे यहां के कोल्ड स्टोर की भंडारण क्षमता सवा करोड़ पैकेट से ज्यादा हो गई है।
     आलू उत्पादक किसान भी काफी प्रोफेशनल हो गया है और वह भंडारण के नाम पर कोल्ड स्टोर मालिकों सी केबल बारदाना बल्कि लोन भी चाहता है। बारदाना और लोन देने के बाद भी बहुत से किसान अपेक्षा अनुसार आलू का भंडारण करने कोल्ड स्टोर में नहीं पहुंचते है।
     न दूसरी स्थिति यह है कि नए कोल्ड स्टोरेज मलिक किसानों को पटाने के लिए उनसे भंडारण शुल्क में मोल भाव करते हैं इससे किसानों की रस्साकसी शुरू हो जाती है और किसान समझता है कि कोल्ड स्टोरेज मालिक अपने फायदे के लिए भंडारण पर जोर दे रहे है। इसलिए पहले तो किसान अपनी फसल का कुछ हिस्सा सीधे-सीधे मंडियों  में बेच देता है और फिर जिन कोल्ड स्टोर से उसे लोन और वारदाना मिल जाता है उनमें वह अपना आलू भंडारीत करता है । कोल्ड स्टोर मालिकों की  आलू भंडारण करवाना  लाचारी है, इसलिए वह किसान की हर बात मानते हैं। यह जानते हुए भी यदि आलू के भाव निकासी के दौरान कम हो जाते हैं तो किसान आलू नहीं उठाते हैं।
      जसवंत नगर में सबसे बड़ा कोल्ड स्टोरेज 10 लाख पैकेट का संतोष भुवनेश- कोल्ड स्टोर है ।उसके बाद मैसर्स जसवंत नगर कोल्ड स्टोर, जो छिमारा रोड पर है। उसकी क्षमता करीब सात आठ लाख पैकेट की है। अन्य कोल्ड स्टोरेज  में दाऊजी कोल्ड स्टोरेज, राधा बल्लभ कोल्ड स्टोर रायनगर, एम बी कोल्ड स्टोर, आत्माराम कोल्ड स्टोर, गंगा कोल्ड स्टोर ,कृष्णा कोल्ड स्टोर, तुलसीराम कोल्ड स्टोर, अंकुर कोल्ड स्टोर, तिरुपति संतोष कोल्ड स्टोरेज वैदपुरा/ जसवंत नगर, अनुराग कोल्ड स्टोरेज सैफई, शिवपाल सिंह कोल्ड स्टोरेज, बिहारी जी कोल्ड स्टोर बड़े कोल्ड स्टोरेज है , जिनकी क्षमता 2 लाख पैकेट से अधिक की है।
     अपनी अपनी साख के अनुसार और किसानों को लोन और वारदाना देने के कारण प्रमुख कोल्ड स्टोर तो अपनी क्षमता को पूरा करने में कामयाब रहे, मगर अनेक की हालत 60-70 % ही रह गई। ऐसे कई कोल्ड स्टोरेज है जो 50% से भी ज्यादा खाली है।
      इस बार कोल्ड स्टोरेज के खाली रहने से नए बनने वाली ओल्ड स्टरों को धक्का लगा है और उम्मीद की जा रही है की आलू निकासी के दौरान ही आलू के भाव काफी तेज हो जाएंगे और आम आदमी को दिसंबर में नई फसल आने से पहले काफी महंगा आलू खरीदना पड़ेगा।
 संतोष भुवनेश कोल्ड स्टोरेज जसवंत नगर के मालिक डॉ भुवनेश यादव ने बताया है कि इस वर्ष आलू का उत्पादन कम होने से सभी कोल्ड स्टोरेज नहीं भरे है, फिर भी कोल्ड स्टोर में पर्याप्त मात्रा में आलू भंडारीत हुआ है। जसवंत नगर कोल्ड स्टोरेज के प्रबंधक नरेंद्र मिश्रा ने बताया है कि इस बार भले ही कोल्ड स्टोर न भरे हो मगर आलू की क्वालिटी कोल्ड स्टोर में अच्छी आई है। राधावल्लभ कोल्ड स्टोरेज के मालिक अनिल प्रताप सिंह यादव ने बताया है कि उनका कोल्ड पूरी तरह  फुल हो गया है। इसी की बात आत्माराम कोल्ड स्टोरेज के प्रबंधक सुमित कुमार, एम बी कोल्ड स्टोरेज के मालिक रवि दीक्षित अंकुर कोल्ड स्टोरेज के मालिक गोपी यादव तथा तुलसीराम कोल्ड स्टोरेज के मालिक डॉक्टर सुबोध कुमार ने बताई है।
 – वेदव्रत गुप्त

Related Articles

Back to top button