चटोरपुरा में कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारम्भ। भजन कीर्तन पर जमकर थिरकी महिलाएं।

बकेवर।
बकेवर के गांव चटोरपुर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा के शुभारंभ के अवसर पर 101 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा कथा पांडाल से शुरु होकर, गांव नगला हीरे नगला टुपियन,नगला खादर आदि गांवों से होते हुए कथा पंडाल में पहुंची।
श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन भागवताचार्य डॉ राघव दास ने बताया कि भगवान मानव को जन्म देने से पहले कहते हैं। ऐसा कर्म करना जिससे दोबारा जन्म न लेना पड़े। मानव मुट्ठी बंद करके यह संकल्प दोहराते हुए इस पृथ्वी पर जन्म लेता है। प्रभु भागवत कथा के माध्यम से मानव का यह संकल्प याद दिलाते रहते हैं। भागवत सुनने वालों का भगवान हमेशा कल्याण करते हैं। भागवत में कहा है जो भगवान को प्रिय हो वही करो, हमेशा भगवान से मिलने का उद्देश्य बना लो, जो प्रभु का मार्ग हो उसे अपना लो, इस संसार में जन्म-मरण से मुक्ति भगवान की कथा ही दिला सकती है।
दिनेश यादव पत्रकार