हीट वेव से बचाव हेतु ‘हर घर सकोरा अभियान’ गर्मियों में पक्षियों के लिए पानी/ सकोरे रखने की अपील।

पशु-पक्षियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए जरूरी है कि सभी जिस तरह अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी या अन्य पेय पदार्थ का सहारा लेते हैं, इन बेजुबानों के लिए छत पर सकोरे आदि रखें। उनके ठहरने के लिए घोंसला बनाएं

इटावा
शहरीकरण और बदलते परिदृश्य के कारण पक्षियों के पास आराम करने के लिए सुरक्षित स्थानों के विकल्प सीमित हैं। गर्मी की कठोर परिस्थितियाँ उनके संघर्ष को और बढ़ा देती हैं।
मिट्टी के पानी के बर्तनों को अलग-अलग स्थानों पर रखकर, हमारा लक्ष्य उनके सामने आने वाली चुनौतियों को कम करना है, जिससे पक्षियों के लिए एक सुरक्षित और ठंडा वातावरण सुनिश्चित हो सके।

विशेषज्ञ ने बताया कि बढ़ती धूप का असर इंसानों के साथ-साथ जानवरों और पक्षियों पर भी हो रहा है। इसका सबसे अधिक असर पक्षियों पर होता है। उनमें पानी की मात्रा कम हो जाती है। इसके चलते पक्षी उड़ते-उड़ते अचानक नीचे गिर जाते हैं और मौत हो जाती है। पशु-पक्षियों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी के लिए खासकर पक्षियों को कहीं भी परेशान देखा जा रहा है। पशु-पक्षियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए जरूरी है कि सभी जिस तरह अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी या अन्य पेय पदार्थ का सहारा लेते हैं, इन बेजुबानों के लिए छत पर सकोरे आदि रखें। उनके ठहरने के लिए घोंसला बनाएं। इससे ज्यादा पुण्य का कार्य कोई दूसरा नहीं हो सकता।

आपदा विशेषज्ञ का कहना है कि पक्षियों के खाने-पीने की व्यवस्था करने के अलावा भी एक अच्छे व्यक्ति होने के नाते आप पक्षियों को बचाने के लिए कुछ उपाय अपने घर पर ही कर सकते हैं। छत, बगीचे में मिट्टी के बर्तन में पानी भर कर रखना चाहिए। हो सके तो इन बर्तनों को धूप से बचा कर छाया में रखें। चिड़िया, कोयल, बुलबुल और कौंए आदि धूप का शिकार अधिक होते हैं। जनमानस को वन्यजीवों और पक्षियों की जान बचाने के लिए आगे आने की जरूरत है। आपदा विशेषज्ञ द्वारा यह प्रयास जारी है कि गर्मी व दाना-पानी की वजह जनपद में किसी भी पशु एवं पक्षी की मौत न हो।

जनपद में भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी में पक्षियों की जान बचाने के लिए आपदा विशेषज्ञ प्रतिदिन जनपद में कई स्थानों पर सकोरे में दाना-पानी रख रहे हैं। वहीं पक्षियों के संरक्षण एवं बचाव हेतु हर घर सकोरा अभियान चलाकर जनमानस को प्रेरित भी कर रहे है। आपदा विशेषज्ञ द्वारा हीट वेव से बचाव हेतु ‘हर घर सकोरा’ रखने एवं नियमित उनमे साफ़ सफाई व उचित मात्रा मंी दाना/ पानी रखने की अपील की है।
हमारे पंख वाले दोस्तों के लिए एक आश्रय स्थल बनाने में हमसे जुड़ें,

साथ मिलकर, हम अपने समुदाय में पक्षियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। आइए हम 1000 जल सकोरे रखें, जो दयालुता के 1000 कृत्यों का प्रतीक हैं।

किसी भी पशु/ पक्षी संरक्षण एवं हीट वेव से बचाव हेतु किये गए अविस्मरणीय कार्य एवं सेल्फी विद सकोरा जीपीएस लोकेशन के साथ की फोटो/ वीडियो आपदा विशेषज्ञ के नंबर-9634203693 पर साझा कर सकते है ।

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