मनुष्य को निष्काम भाव से अपने कर्तव्य निभाने चाहिए- डॉ. बृहम् कुमार

इटावा। हरिवंश विहार कालौनी चोरवरी पक्काबाग में चल रही श्रीमद् भागवत कथा वृन्दावन धाम से पधारे आचार्य डॉ. ब्रह्म कुमार मिश्र ने श्रीकृष्ण-रुकमणि विवाह प्रसंग का वर्णन किया। कथा पंडाल में विवाह उत्सव मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी की झॉकी भी निकाली गयी द्यबडे धूमधाम से श्रीकृष्ण व रुक्मिणी विवाह हुआ। कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को कथा सुनाते हुए डॉ. ब्रह्म कुमार मिश्र ने कहा कि रुकमणि साक्षात लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण विष्णु के अवतार है। श्रीकृष्ण भरी राजसभा के बीच से रुकमणि को हरण करके द्वारिका ले गए थे। रुकमणि हरण लीला के जरिए श्रीकृष्ण ने मानव को संदेश दिया है कि लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए पुरुषार्थ करना जरूरी है। कथा के आयोजक नितिन चौबे व निधि चौबे ने बताया कि सभी भक्त कथा श्रवण हेतु आमन्त्रित है। इस अवसर पर विकास शास्त्री, राघवेंद्र दुबे, प्रांतीय शिक्षक नेता भानुप्रकाश अवस्थी, नवीन पांडे, अवनीश अवस्थी, विपिन दुबे, शंभू, आचार्य अवनीश दुबे, डॉ. रामजानकी दीक्षित सहित सैकड़ों भक्तजन मौजूद रहे।

 

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