जब-जब अधर्म बढ़ता,भगवान अवतरित होते हैं : किशोरी सपना शास्त्री

फ़ोटो: श्रीमद् भागवत कथा एवम ज्ञानगंगा में कथा सुनाती कथा वाचिका सपना मिश्रा
जसवंतनगर(इटावा)।:जब जब धरती पर अधर्म बढ़ता है ,तब-तब भगवान ने अवतार लेकर अपने भक्तों को तारा है।अधर्म अधर्म के विनाश के लिए भगवान धरा पर अवश्य अवतरित होते हैं। महाभारत काल में पांडवों का साथ देने के लिए भगवान कृष्ण अवतरित हुए थे ऐसे ही रावण के पद के लिए भी भगवान राम को इस धरा पर आना पड़ा था

कंश वध और रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि धर्म पथ पर चलने तथा मदभागवाद कथा सुनने से जीवन काल में किए पापों का विनाश होता है। कथा भगवान के स्वरूप का ज्ञान कराती है।
कथा बाचिका ने कहा कि कंस ने श्रीकृष्ण को मारने के तमाम प्रयास असफल होने के बाद अक्रूर को भेजा था और मथुरा में उत्सव के बहाने कृष्ण और बलराम को बुलाया था। गोकुलवासियों के मना करने के बाद भी भगवान कृष्ण उन्हें समझाकर मथुरा पहुंचे। कंस दोनों को मारने की योजना बनाकर मदमस्त हाथी छोड़ देता है। भगवान उसका वध कर देते हैं। भगवान कृष्ण कंस को ललकारते है और उसके सिहासन पर चढ़कर कंस को घसीटते है और उसका वध कर देते हैं।
रुक्मणी विवाह का प्रसंग भी कथावाचिका ने सरस वाणी में सुनाया और बताया कि कैसे भगवान कृष्ण शत्रुओं को पराजित कर रुक्मणी से विवाह करते हैं ।
नित्य ग्राम वासियों द्वारा भागवत कथा की आरती के बाद प्रसादी वितरण हो रहा है।। 21 जून को भंडारा है। कथा संयोजक अवनीश कुमार ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करें।
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*वेदव्रत गुप्ता